शिव आरती Shiv Aarti Lyrics Hindi – Anuradha Paudwal

शिव आरती Shiv Aarti Lyrics Hindi – Anuradha Paudwal

जय हिन्द दोस्तों,

लो जी भक्तो, अगर आप भोले भगवान् के Die Hard Fan है तो आप सभी जगह आये है. इस आर्टिकल में हम आपको Anuradha Paudwal जी के द्वारा गाया गया भक्ति आरती संगीत शिव आरती Shiv Aarti की विडियो जो T-Series Bhakti Sagar पर मोजूत है वो Provide करवा रहे है और Lyrics के साथ.

कहा जाता है की शिव जी को खुश करना बहुत आसान है आप उन्हें खुश करके मनचाहा वार मांग सकते है……………..धार्मिकता पर गौर करे तो लडकियों पर 16 सोमवार के व्रत रखती है तो उन्हें भगवान् शिव जी जैसा वर मिलता है और अगर कोई भी इनकी सच्चे मन से पूजा करता है तो उसके जीवन में खुशिया आजाती है और उनकी हर मनोकामना पूरी होती है.

Shiv Aarti Lyrics Hindi में निचे दे रखा है तो आप वहा से लिरिक्स को पढ़े.

शिव आरती Shiv Aarti Lyrics Hindi - Anuradha Paudwal
शिव आरती Shiv Aarti Lyrics Hindi – Anuradha Paudwal

Songs Credits

  • शिव भजन: ओम जय शिव ओंकारा
  • एल्बम: आरती
  • गायक: अनुराधा पौडवाल
  • संगीतकार: शेखर सेन
  • गीत: ट्रेडिशनल
  • संगीत लेबल: टी-सीरीज़

Shiv Aarti Lyrics Hindi

अगर आप शिव आरती के दीवाने है और अगर आपको Shiv Aarti Lyrics Hindi में चाहिये………… तो हम आपको Lyrics Provide करवा रहे है.

ॐ जय शिव ओंकारा,
प्रभु हर शिव ओंकारा
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा
ॐ जय शिव ओंकारा

ॐ जय शिव ओंकारा,
प्रभु हर शिव ओंकारा
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा
ॐ जय शिव ओंकारा

एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे
स्वामी पञ्चानन राजे
हंसानन गरूड़ासन
हंसानन गरूड़ासन
वृषवाहन साजे
ॐ जय शिव ओंकारा

दो भुज चार चतुर्भुज,
दसभुज ते सोहे
स्वामी दसभुज ते सोहे
तीनों रूप निरखता
तीनों रूप निरखता
त्रिभुवन मन मोहे
ॐ जय शिव ओंकारा

अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी
स्वामी मुण्डमाला धारी
चन्दन मृगमद चंदा
चन्दन मृगमद चंदा
भोले शुभ कारी
ॐ जय शिव ओंकारा

श्वेताम्बर, पीताम्बर, बाघाम्बर अंगे
स्वामी बाघाम्बर अंगे
ब्रह्मादिक संतादिक
ब्रह्मादिक संतादिक
भूतादिक संगे
ॐ जय शिव ओंकारा

कर मध्ये च’कमण्ड चक्र त्रिशूलधरता
स्वामी चक्र त्रिशूलधरता
जग कर्ता जग हरता
जग कर्ता जग हरता
जगपालन करता
ॐ जय शिव ओंकारा

ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव जानत अविवेका
स्वामी जानत अविवेका
प्रनाबाच्क्षर के मध्ये
प्रनाबाच्क्षर के मध्ये
ये तीनों एका
ॐ जय शिव ओंकारा

त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ जन गावे
स्वामी जो कोइ जन गावे
कहत शिवानन्द स्वामी
कहत शिवानन्द स्वामी
मनवान्छित फल पावे
ॐ जय शिव ओंकारा

ॐ जय शिव ओंकारा, प्रभु हर शिव ओंकारा
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा
ॐ जय शिव ओंकारा

ॐ जय शिव ओंकारा, प्रभु हर शिव ओंकारा
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा
ॐ जय शिव ओंकारा

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