| Attribute | Details |
|---|---|
| Song Name | Jisko Jo Bhi Milta Hai |
| Singer Name | Bayaan |
| Lyrics Name | Jisko Jo Bhi Milta Hai |
| Music Director | Nahin Milta |
| Label |
Jisko Jo Bhi Milta Hai Lyrics
Jisko Jo Bhi Milta Hai Lyrics In Hindi
सहला दो मन को, क्यों ये रोता रहे? ढलेगी फिर ये रात, जो होता रहे
पर ये मन शायद बहुत है
हंगामे में गिरफ़्त
इस शोर में, इस भीड़ में
अकेला है मन, अकेला हूँ मैं
हाँ, अकेला है मन, पर मुकम्मल है ये, अधूरे हो तुम
हाँ, अकेला है मन, पर मुकम्मल है ये, अधूरे हो तुम
हाँ, अकेला है मन, पर मुकम्मल है ये, अधूरे हो तुम
हाँ, अकेला है मन, पर मुकम्मल है ये, अधूरे हो तुम
बाल्की हो ही नहीं
झूठ की ज़मीन पर फ़रेब के ये सारे घर
इनमें रहने वाले तुम, खून सफ़ेद, दिल पत्थर
ज़िम्मा है ये क़ुदरत का या खाता तुम्हारी है?
जो भी है सबब सो है, पर सज़ा हमारी है
जिसको जो भी मिलता है बे-सबब नहीं मिलता
मुझसे बोले मन मेरा, “सबको सब नहीं मिलता”
जिसको जो भी मिलता है बे-सबब नहीं मिलता
मुझसे बोले मन मेरा, “सबको सब नहीं मिलता”
जिसको जो भी मिलता है बे-सबब नहीं मिलता
मुझसे बोले मन मेरा, “सबको सब नहीं मिलता”
जिसको जो भी मिलता है बे-सबब नहीं मिलता
मुझसे बोले मन मेरा, “सबको सब नहीं मिलता”

