मंजिल Manzil Song Lyrics Hindi – Ranjit Bawa

मंजिल Manzil Song Lyrics Hindi – Ranjit Bawa

जय हिन्द दोस्तों,

Ranjit Bawa का मोटिवेशन पंजाबी गाना 2020 मंजिल Manzil Song उन्ही के YouTube Channel पर आगया है. इस गाने के लिरिक्स Bikk Dhillon ने लिखा और इस गाने में म्यूजिक Desi Crew ने दिया है.

गाने की बात करे तो, मंजिल गाने में रंजित बावा ने आज के Youth को मोटीवेट करने की कोशिश करी है जो आज के वक्त में बहुत ज्यादा जरुरी है………..गाना बहुत अच्छा है……..गाने को सुनकर एनर्जी आजाती है.

Manzil Song Lyrics निचे दे रखा है तो आप वहा से लिरिक्स को पढ़े.

मंजिल गाना YouTube Trending में नहीं है. अगर Views बात करे तो इस गानों को बहुत Millions Views मिलेंगे.

मंजिल Manzil Song Lyrics Hindi - Ranjit Bawa
मंजिल Manzil Song Lyrics Hindi – Ranjit Bawa

Manzil Song Credits

Manzil Song Lyrics In Hindi

अगर आप मंजिल गाने के दीवाने है और अगर आपको Manzil Song Lyrics चाहिये और वो भी हिंदी में………… तो हम आपको Lyrics Provide करवा रहे है.

मेरे यारों मेरु तारो
ऐवें ना होंसला हारो
तगड़े होक हमला मारो
वक़्त गुज़र्दा जावे जी

अखां खोलो हुन ना डोलो
ऐवें ना जवानी रोलो
जज्बा अपने अंदरों तोलो
मेहनत रंग ले आवेगी

की हुंदियां ने तकदीरा
एह हथा दियां लकीरा
यारों बदल देयो तस्वीरा
डर जाना मंज़ूर नई

जे होने राह ते पक्के
पुत्त दुनिया मारे धक्के
बाँदा दिल ना छोटा रखे
मंजिल बहुती दूर नई
मंजिल बहुती दूर नई

दिन रात नई हुन बहना
हौली हौली चलदे रहना
बहुते काले वी नई पैना
काली अग्गे टोए जी

चुब गए कंडे ते तडपे
ओथे पैर नू बेह्गे फड़ के
पिच्छे वल नू भज्जे डर के
सोल क्यों एने होए जी

एह काम ना मर्दा वाले
दिल कमजोर हो गए बाहले
क्यों नई खांदा खून उबाले
चेहरे ते वी नूर नई

जे होने राह ते पक्के
पुत्त दुनिया मारे धक्के
बाँदा दिल ना छोटा रखे
मंजिल बहुती दूर नई
मंजिल बहुती दूर नई

जो इक निशाना रखदे
फिर इतिहास ने ओही रचदे
सोभा सारे जग दी ख़त दे
गल एह चेत्ते रखेयो जी

जो जग फ़तेह ने करदे
ऐवें नाल हालाता लड़दे
कोशिश करने तो नई डरदे
ओहना खट्टेया दस्सेयो की

जो झुके समय दे अग्गे
बैठे वेखां खब्बे सज्जे
ओहनू फल वी किथों लग्गे
जिहनू पैंदा बूर नई

जे होने राह ते पक्के
पुत्त दुनिया मारे धक्के
बाँदा दिल ना छोटा रखे
मंजिल बहुती दूर नई
मंजिल बहुती दूर नई

करके इक खून पसीना
खोटा वी बन जाए नगीना
फिर तां रेह्न्दी कोई कमी ना
मुल सिर्रे दा पैंदा जी

रब चढ़दी कला विखावे
कित्ती मेहनत नू रंग लावे
फर्शों अर्षा तक पहुचावे
बिक्का सचियाँ कहंदा जी

हो जांदे कार्ज पूरे
मंजिल आई खड़ी ऐ मुहरे
तुरदे हिक तां के सूरे
करदे कदे गरूर नई

जे होने राह ते पक्के
पुत्त दुनिया मारे धक्के
बाँदा दिल ना छोटा रखे
मंजिल बहुती दूर नई
मंजिल बहुती दूर नई

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Video : Manzil Song

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