संतोषी माता आरती Santoshi Mata Aarti Lyrics Hindi – Anuradha Paudwal

संतोषी माता आरती Santoshi Mata Aarti Lyrics Hindi – Anuradha Paudwal

जय हिन्द दोस्तों,

लो जी भक्तो, इस पोस्ट में हम Anuradha Paudwal जी का एक और आरती संगीत संतोषी माता आरती Santoshi Mata Aarti की विडियो जो  T-Series Bhakti Sagar पर मोजूत है और Santoshi Mata Aarti Lyrics Hindi में भी दे रहे है.  संतोषी माता आरती को Anuradha Paudwal जी ने गाया है और म्यूजिक Arun Paudwal ने दिया है.

संतोषी माता जी की आरती हर शुक्रवार को किया जाता है कहा जाता है की, अगर आप लगातार 16 शुक्रवार तक व्रत रखे और पूजा पाठ करे तो आपके मन को शान्ति मिलती है और आपका हर काम बनता है मतलब आपको सभी दुखो से छुटकारा मिलता है.

Santoshi Mata Aarti Lyrics Hindi में निचे दे रखा है तो आप वहा से लिरिक्स को पढ़े.

संतोषी माता आरती Santoshi Mata Aarti Lyrics Hindi - Anuradha Paudwal
संतोषी माता आरती Santoshi Mata Aarti Lyrics Hindi – Anuradha Paudwal

Songs Credits

  • गीत: जय संतोषी माता
  • शीर्षक: आरतीया
  • गायक: अनुराधा पौडवाल
  • संगीतकार: अरुण पौडवाल
  • गीतकार: पारंपरिक
  • संगीत लेबल: टी-सीरीज़

Santoshi Mata Aarti Lyrics Hindi

अगर आप संतोषी माता जी की आरती के दीवाने है और अगर आपको Santoshi Mata Aarti Lyrics Hindi में चाहिये………… तो हम आपको Lyrics Provide करवा रहे है.

जय सन्तोषी माता, मैया जय सन्तोषी माता।
अपने सेवक जन की, अपने सेवक जन की
सुख सम्पत्ति दाता
जय सन्तोषी माता

जय सन्तोषी माता, मैया जय सन्तोषी माता।
अपने सेवक जन की, अपने सेवक जन की
सुख सम्पत्ति दाता
जय सन्तोषी माता

सुन्दर चीर सुनहरी माँ धारण कीन्हों।
मैया धारण कीन्हों
हीरा पन्ना दमके, हीरा पन्ना दमके
तन श्रृंगार कीन्हों
जय सन्तोषी माता

गेरू लाल छटा छवि, बदन कमल सोहे।
मैया बदन कमल सोहे
मन्द हंसत करुणामयी, मन्द हंसत करुणामयी
त्रिभुवन मन मोहे
जय सन्तोषी माता

स्वर्ण सिंहासन बैठी, चंवर ढुरें प्यारे।
मैया चंवर ढुरें प्यारे
धूप दीप मधुमेवा, धूप दीप मधुमेवा
भोग धरें न्यारे
जय सन्तोषी माता

गुड़ अरु चना परमप्रिय, तामे संतोष कियो।
मैया तामे संतोष कियो
सन्तोषी कहलाई, सन्तोषी कहलाई
भक्तन वैभव दियो
जय सन्तोषी माता

शुक्रवार प्रिय मानत, आज दिवस सोही।
मैया आज दिवस सोही
भक्त मण्डली छाई, भक्त मण्डली छाई
कथा सुनत मोही
जय सन्तोषी माता

मन्दिर जगमग ज्योति, मंगल ध्वनि छाई।
मैया मंगल ध्वनि छाई
विनय करें हम बालक, विनय करें हम बालक
चरनन सिर नाई
जय सन्तोषी माता

भक्ति भावमय पूजा, अंगीकृत कीजै।
मैया अंगीकृत कीजै
जो मन बसै हमारे, जो मन बसै हमारे
इच्छा फल दीजै
जय सन्तोषी माता

दुखी दरिद्री, रोग, संकट मुक्त किये।
मैया संकट मुक्त किये
बहु धन-धान्य भरे घर, बहु धन-धान्य भरे घर
सुख सौभाग्य दिये
जय सन्तोषी माता

ध्यान धर्यो जिस जन ने, मनवांछित फल पायो।
मैया मनवांछित फल पायो
पूजा कथा श्रवण कर, पूजा कथा श्रवण कर
घर आनन्द आयो
जय सन्तोषी माता

शरण गहे की लज्जा, राखियो जगदम्बे।
मैया राखियो जगदम्बे
संकट तू ही निवारे, संकट तू ही निवारे
दयामयी अम्बे
जय सन्तोषी माता

शुक्रवार प्रिय मानती, आज दिवस सोही।
मैया आज दिवस सोही
भक्त मण्डली छाई, भक्त मण्डली छाई
कथा सुनत मोही
जय सन्तोषी माता

सन्तोषी माता की आरती, जो कोई जन गावे।
मैया जो कोई जन गावे
ऋद्धि-सिद्धि, सुख-सम्पत्ति, ऋद्धि-सिद्धि, सुख-सम्पत्ति
जी भरकर पावे
जय सन्तोषी माता

जय सन्तोषी माता, मैया जय सन्तोषी माता।
अपने सेवक जन की, अपने सेवक जन की
सुख सम्पत्ति दाता
जय सन्तोषी माता

जय सन्तोषी माता, मैया जय सन्तोषी माता।
अपने सेवक जन की, अपने सेवक जन की
सुख सम्पत्ति दाता
जय सन्तोषी माता

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