श्री तुलसी आरती Tulsi Aarti Lyrics Hindi – Anuradha Paudwal

श्री तुलसी आरती Tulsi Aarti Lyrics Hindi – Anuradha Paudwal

जय हिन्द दोस्तों,

लो जी भक्तो, यहाँ पर हम आपके लिये श्री तुलसी आरती Tulsi Aarti की विडियो जो T-Series Bhakti Sagar पर मोजूत है और साथ में हिंदी में लिरिक्स भी लाये है. इस भक्ति गाने को Anuradha Paudwal जी ने गाया है.

धार्मिक ग्रंथो के हिसाब से अगर तुसली का पेड़ आप अपने घर के आँगन में लगाओगे तो घर में कोई भी कस्ट नहीं आता है.

Tulsi Aarti Lyrics Hindi में निचे दे रखा है तो आप वहा से लिरिक्स को पढ़े.

श्री तुलसी आरती Tulsi Aarti Lyrics Hindi - Anuradha Paudwal
श्री तुलसी आरती Tulsi Aarti Lyrics Hindi – Anuradha Paudwal

Songs Credits

  • तुलसी आरती: जय तुलसी माता (आरती)
  • एल्बम का नाम: जय तुलसी मइया
  • गायक: अनुराधा पौडवाल
  • संगीतकार: शेखर सेन
  • गीत: भतार अकाश
  • संगीत लेबल: टी-सीरीज़

Tulsi Aarti Lyrics Hindi

अगर आप श्री तुलसी आरती के दीवाने है और अगर आपको Tulsi Aarti Lyrics Hindi में चाहिये………… तो हम आपको Lyrics Provide करवा रहे है.

जय जय जय, तुलसी माता
जय जय जय, तुलसी माता

जय जय जय, तुलसी माता
जय जय जय, तुलसी माता

जय जय जय, तुलसी माता
जय जय जय, तुलसी माता

सब जग की सुख दाता वार दाता।
जय जय जय, तुलसी माता
जय जय जय, तुलसी माता

सब योगों के ऊपर, सब रोगों के ऊपर,
सब योगों के ऊपर, सब रोगों के ऊपर,
सब योगों के ऊपर, सब रोगों के ऊपर,
रज से रक्षा करके भव त्राता।
जय जय जय, तुलसी माता
जय जय जय, तुलसी माता

जय जय जय, तुलसी माता
जय जय जय, तुलसी माता

बटुपुत्री है श्यामा, बटुपुत्री है श्यामा
सूर वल्ली है ग्राम्या, सूर वल्ली है ग्राम्या
बटुपुत्री है श्यामा, सूर वल्ली है ग्राम्या
विष्णु प्रिय जो तुमको सेवे सो नर तर जाता।
जय जय जय, तुलसी माता
जय जय जय, तुलसी माता

जय जय जय, तुलसी माता
जय जय जय, तुलसी माता

हरि के शीश विराजत, हरि के शीश विराजत
त्रिभुवन से हो वंदित, त्रिभुवन से हो वंदित
हरि के शीश विराजत त्रिभुवन से हो वंदित,
पतित जनों की तारिणि, तुम हो विख्याता।
जय जय जय, तुलसी माता
जय जय जय, तुलसी माता

जय जय जय, तुलसी माता
जय जय जय, तुलसी माता

लेकर जन्मो में जन्मे, लेकर जन्मो में जन्मे
आई दिव्य भवन में, आई दिव्य भवन में
लेकर जन्मो में जन्मे बिजन में आई दिव्य भवन में,
मानव लोक तुम्हीं से सुख सम्पत्ति पाता।
जय जय जय, तुलसी माता
जय जय जय, तुलसी माता

जय जय जय, तुलसी माता
जय जय जय, तुलसी माता

हरि को तुम अति प्यारी, हरि को तुम अति प्यारी
श्याम वर्ण सुकुमारी, श्याम वर्ण सुकुमारी
हरि को तुम अति प्यारी श्याम वर्ण सुकुमारी,
प्रेम अजब है श्री हरि का तुम से नाता।
जय जय जय, तुलसी माता
जय जय जय, तुलसी माता

जय जय जय, तुलसी माता
जय जय जय, तुलसी माता

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