सत्यनारायण आरती Satyanarayan Aarti Lyrics Hindi – Anuradha Paudwal & Gulshan Kumar

सत्यनारायण आरती Satyanarayan Aarti Lyrics Hindi – Anuradha Paudwal & Gulshan Kumar

जय हिन्द दोस्तों,

लो जी भक्तो, इस आर्टिकल में हम आपको Anuradha Paudwal और Gulshan Kumar के द्वारा गाया गया Original सरस्वती आरती सत्यनारायण आरती Satyanarayan Aarti विडियो जो  T-Series Bhakti Sagar पर मोजूत है आपको Provide करवा रहे है और इसके साथ हम आपको इस भक्ति संगीत का लिरिक्स भी दे रहे है.

सत्यनारायण आरती युगों युग से प्रचलित है और आजकल भी लोग अपने घर में सत्यनारायण कथा या आरती को करते है. धार्मिक ज्योतिषों की माने तो Satyanarayan Aarti करने से घर का और घर में रहने वालो सभी सदस्यों के तमाम दुःख दूर हो जाते है.

Satyanarayan Aarti Lyrics Hindi में निचे दे रखा है तो आप वहा से लिरिक्स को पढ़े.

सत्यनारायण आरती Satyanarayan Aarti Lyrics Hindi - Anuradha Paudwal & Gulshan Kumar
सत्यनारायण आरती Satyanarayan Aarti Lyrics Hindi – Anuradha Paudwal & Gulshan Kumar

Songs Credits

  • सत्यनारायण आरती: ओम जय लक्ष्मी रमना
  • गायक: अनुराधा पौडवाल, गुलशन कुमार
  • संगीत: कीर्ति अनुराग
  • गीत: किरण मिश्रा
  • संगीत लेबल: टी-सीरीज़

Satyanarayan Aarti Lyrics Hindi

अगर आप सत्यनारायण आरती के दीवाने है और अगर आपको Satyanarayan Aarti Lyrics Hindi में चाहिये………… तो हम आपको Lyrics Provide करवा रहे है.

ॐ जय लक्ष्मीरमणा स्वामी जय लक्ष्मीरमणा |
सत्यनारायण स्वामी, सत्यनारायण स्वामी
जन पातक हरणा
ॐ जय लक्ष्मीरमणा

ॐ जय लक्ष्मीरमणा स्वामी जय लक्ष्मीरमणा |
सत्यनारायण स्वामी, सत्यनारायण स्वामी
जन पातक हरणा
ॐ जय लक्ष्मीरमणा

रत्नजडित सिंहासन , अद्भुत छवि राजें |
स्वामी अद्भुत छवि राजें
नारद करत निरतंर, नारद करत निरतंर
घंटा ध्वनी बाजें ॥
ॐ जय लक्ष्मीरमणा

प्रकट भयें कलिकारण ,द्विज को दरस दियो |
स्वामी द्विज को दरस दियो
बूढा ब्राम्हण बनके, बूढा ब्राम्हण बनके
कंचन महल कियों ॥
ॐ जय लक्ष्मीरमणा

दुर्बल भील कठार, जिन पर कृपा करी |
स्वामी जिन पर कृपा करी
च्रंदचूड एक राजा, च्रंदचूड एक राजा
जिनकी विपत्ति हरी ॥
ॐ जय लक्ष्मीरमणा

वैश्य मनोरथ पायों ,श्रद्धा तज दिन्ही |
स्वामी श्रद्धा तज दिन्ही
सो फल भोग्यों प्रभूजी, सो फल भोग्यों प्रभूजी
फेर स्तुति किन्ही ॥
ॐ जय लक्ष्मीरमणा

भाव भक्ति के कारन .छिन छिन रुप धरें |
स्वामी छिन छिन रुप धरें
श्रद्धा धारण किन्ही, श्रद्धा धारण किन्ही
तिनके काज सरें ॥
ॐ जय लक्ष्मीरमणा

ग्वाल बाल संग राजा ,वन में भक्ति करि |
स्वामी वन में भक्ति करि
मनवांचित फल दिन्हो, मनवांचित फल दिन्हो
दीन दयालु हरि ॥
ॐ जय लक्ष्मीरमणा

चढत प्रसाद सवायों ,दली फल मेवा |
स्वामी दली फल मेवा
धूप दीप तुलसी से, धूप दीप तुलसी से
राजी सत्य देवा॥
ॐ जय लक्ष्मीरमणा

सत्यनारायणजी की आरती जो कोई नर गावे |
स्वामी जो कोई नर गावे
ऋद्धि सिद्धी सुख संपत्ति, ऋद्धि सिद्धी सुख संपत्ति
सहज रुप पावे ॥
ॐ जय लक्ष्मीरमणा

ॐ जय लक्ष्मीरमणा स्वामी जय लक्ष्मीरमणा|
सत्यनारायण स्वामी ,जन पातक हरणा
ॐ जय लक्ष्मीरमणा

ॐ जय लक्ष्मीरमणा स्वामी जय लक्ष्मीरमणा|
सत्यनारायण स्वामी ,जन पातक हरणा
ॐ जय लक्ष्मीरमणा

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