शनि देव आरती Shani Dev Aarti Lyrics Hindi – Shailendra Bharti

शनि देव आरती Shani Dev Aarti Lyrics Hindi – Shailendra Bharti

जय हिन्द दोस्तों,

लो जी भक्तो, अगर आप शनि महाराज जी के सच्चे भक्त है तो इस आर्टिकल में हम आपके लिये  शनि देव आरती Shani Dev Aarti की विडियो जो  T-Series Bhakti Sagar पर मोजूत है लाये है. इस भक्ति संगीत को Shailendra Bharti ने गाया और Shailendra Bhartti ने ही म्यूजिक दिया है.

अगर आपके जीवन में शनि साढ़ेसाती, ढैया या शनि महादशा है तो आपको हर शनिवार को शनि मंदिर में जा कर तेल और दिया चढ़ाना चाहिये और साथ ही मैं शनि देव जी की आरती करनी चाहिये. माना जाता है की, अगर आपको शनि जी को खुश करना है तो आपको उनकी आरती जा जाप करना होगा वो भी हर शनिवार को.

Shani Dev Aarti Lyrics Hindi में निचे दे रखा है तो आप वहा से लिरिक्स को पढ़े.

शनि देव आरती Shani Dev Aarti Lyrics Hindi - Shailendra Bharti
शनि देव आरती Shani Dev Aarti Lyrics Hindi – Shailendra Bharti

Songs Credits

  • शनि भजन: जय शनिदेव आरती
  • एल्बम का नाम: शनि महामंत्र
  • गायक: शैलेंद्र भारती
  • संगीत निर्देशक: शैलेंद्र भारती
  • गीत: पारंपरिक
  • संगीत लेबल: टी-सीरीज़

Shani Dev Aarti Lyrics Hindi

अगर आप शनि देव आरती के दीवाने है और अगर आपको Shani Dev Aarti Lyrics Hindi में चाहिये………… तो हम आपको Lyrics Provide करवा रहे है.

जय जय जय जय जय जय
जय शनिदेव जय
जय शनिदेवा
श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।

जय जय जय जय जय जय
जय शनिदेव जय
जय शनिदेवा
श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।

सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी
सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।

जय जय जय जय जय जय
जय शनिदेव जय
जय शनिदेवा
श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।

जय जय जय जय जय जय
जय शनिदेव जय
जय शनिदेवा

श्याम अंक वक्रदृष्ट चतुर्भुजा धारी।
श्याम अंक वक्रदृष्ट चतुर्भुजा धारी।
नीलाम्बर धार नाथ गज की अ सवारी
गज की अ सवारी
नीलाम्बर धार नाथ गज की अ सवारी
गज की अ सवारी

जय जय जय जय जय जय
जय शनिदेव जय
जय शनिदेवा
श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।

जय जय जय जय जय जय
जय शनिदेव जय
जय शनिदेवा

क्रीट मुकुट शीश रजित दिपत है लिलारी।
क्रीट मुकुट शीश रजित दिपत है लिलारी।
दिपत है लिलारी
क्रीट मुकुट शीश रजित दिपत है लिलारी।
मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी
शोभित बलिहारी
मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी
शोभित बलिहारी

जय जय जय जय जय जय
जय शनिदेव जय
जय शनिदेवा
श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।

जय जय जय जय जय जय
जय शनिदेव जय
जय शनिदेवा

मोदक और मिष्ठान चढ़े चढ़ती पान सुपारी।
मोदक और मिष्ठान चढ़े चढ़ती पान सुपारी।
लोहा तिल तेल उड़द महिषी अतिप्यारी॥जय.॥
लोहा तिल तेल उड़द महिषी अतिप्यारी॥जय.॥
देव दनुज ऋषि मुनि सुमरिन नर नारी।
देव दनुज ऋषि मुनि सुमरिन नर नारी।
विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी॥
विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी॥

जय जय जय जय जय जय
जय शनिदेव जय
जय शनिदेवा

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