सूर्य देव आरती Surya Aarti Lyrics Hindi – Anuradha Paudwal

सूर्य देव आरती Surya Aarti Lyrics Hindi – Anuradha Paudwal

जय हिन्द दोस्तों,

लो जी भक्तो, इस आर्टिकल में हम आपके लिये सूर्य देव आरती Surya Aarti विडियो जो T-Series Bhakti Sagar पर मोजूत है और इस भक्ति गीत का लिरिक्स ले कर आये है. इस आरती को Anuradha Paudwal जी ने गाया है और म्यूजिक Arun Paudwal और Kirti Anurag ने दिया है.

भक्तो जिस तरह रोज सुबह सुबह सूरज की किरणे पृथ्वी पर पढ़ती है तो हर जगह उजाला उजाला हो जाता है उसी तरह से अगर आपके जीवान में बहुत कठिनाई चल रही है या आप अपनी जिंदगी से परेशान हो चुके है तो आपको हर रोज सूर्य जी की आरती और उन्हें पानी चढ़ाना चाहिये.

Surya Aarti Lyrics Hindi में निचे दे रखा है तो आप वहा से लिरिक्स को पढ़े.

सूर्य देव आरती Surya Aarti Lyrics Hindi - Anuradha Paudwal
सूर्य देव आरती Surya Aarti Lyrics Hindi – Anuradha Paudwal

Songs Credits

  • सूर्य आरती: ओम जय सूर्य भगवान
  • एल्बम: आरतीया
  • गायक: अनुराधा पौडवाल
  • संगीतकार: अरुण पौडवाल, कीर्ति अनुराग
  • गीतकार: पंडित किरण मिश्रा, भारत आचार्य
  • संगीत लेबल: टी-सीरीज़

Surya Aarti Lyrics Hindi

अगर आप सूर्य देव आरती के दीवाने है और अगर आपको Surya Aarti Lyrics Hindi में चाहिये………… तो हम आपको Lyrics Provide करवा रहे है.

ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।
जगत् के नेत्र स्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।
धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।।

ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।
जगत् के नेत्र स्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।
धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।।

सारथी अरुण हैं प्रभु तुम, श्वेत कमलधारी। तुम चार भुजाधारी।।
अश्व हैं सात तुम्हारे, कोटि किरण पसारे। तुम हो देव महान।।
ॐ जय सूर्य भगवान

ऊषाकाल में जब तुम, उदयाचल आते। सब तब दर्शन पाते।।
फैलाते उजियारा, जागता तब जग सारा। करे सब तब गुणगान।।
ॐ जय सूर्य भगवान

संध्या में भुवनेश्वर अस्ताचल जाते। गोधन तब घर आते।।
गोधूलि बेला में, हर घर हर आंगन में। हो तव महिमा गान।।
ॐ जय सूर्य भगवान

देव-दनुज नर-नारी, ऋषि-मुनिवर भजते। आदित्य हृदय जपते।।
स्तोत्र ये मंगलकारी, इसकी है रचना न्यारी। दे नव जीवनदान।।
ॐ जय सूर्य भगवान

तुम हो त्रिकाल रचयिता, तुम जग के आधार। महिमा तब अपरम्पार।।
प्राणों का सिंचन करके भक्तों को अपने देते। बल, बुद्धि और ज्ञान।।
ॐ जय सूर्य भगवान

भूचर जलचर खेचर, सबके हों प्राण तुम्हीं। सब जीवों के प्राण तुम्हीं।।
वेद-पुराण बखाने, धर्म सभी तुम्हें माने। तुम ही सर्वशक्तिमान।।
ॐ जय सूर्य भगवान

पूजन करतीं दिशाएं, पूजे दश दिक्पाल। तुम भुवनों के प्रतिपाल।।
ऋतुएं तुम्हारी दासी, तुम शाश्वत अविनाशी। शुभकारी अंशुमान।।
ॐ जय सूर्य भगवान

ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।
जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।स्वरूपा।।
धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।।

ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।
जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।स्वरूपा।।
धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।।

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